टिप्पणी

10वां सिंगापुर एयरशो आकाशीय कौशल के शानदार प्रदर्शन के साथ शुरू

दसवां सिंगापुर एयरशो मंगलवार को सिंगापुर में विभिन्न देशों के अद्भुत हवाई करतबों के प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ। चीन की वायु सेना की 'अगस्त 1' एरोबेटिक टीम ने अपने जे-10 प्रदर्शन विमानों के साथ आकाश में शानदार उड़ान भरी, जिसमें उन्होंने सटीक और जटिल युद्धाभ्यास प्रस्तुत किए। सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और अन्य भाग लेने वाली वायु सेनाओं की प्रदर्शन टीमों के साथ मिलकर चीन की टीम ने इस द्विवार्षिक आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता और वैमानिक उत्कृष्टता को रेखांकित किया। विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ उन्नत एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों की झलक दिखाने वाला यह एयरशो 8 फरवरी तक जारी रहेगा। इस आयोजन में दुनिया भर की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियां और रक्षा निर्माता भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरशो न केवल वैमानिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास को प्रदर्शित करता है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

05-Feb-2026
चीन:Winter Sports की दुनिया का नया ‘Superpower’  

जब भी चीन की अर्थव्यवस्था की बात होती है, ज्यादातर लोग टेक्नोलॉजी, फैक्ट्रियों और बड़े शहरों को याद करते हैं। लेकिन पिछले 10–12 साल में चीन ने एक ऐसे खेल-सेक्टर में जोरदार निवेश किया, जिसे पहले केवल अमीर लोगों का शौक माना जाता था, और वह है विंटर स्पोर्ट्स। आज यही बर्फ वाला खेल सेक्टर चीन की अर्थव्यवस्था में एक नए “सफेद सोने” की तरह चमक रहा है। चीन ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह अपनी 'विंटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री' या 'आइस एंड स्नो इकॉनमी' को खड़ा किया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आइए, आज की न्यूज़ स्टोरी में हम जानेंगे कि कैसे चीन ने बर्फ को सोने में बदल दिया है और कैसे महज दो दशकों में वह विंटर स्पोर्ट्स की दुनिया का नया सुपरपावर बनकर उभरा है।

03-Feb-2026
नए Global Politics पर ख़ास चर्चा

आज की दुनिया एक ऐसे दौर से गुज़र रही है जहाँ हर बड़ी खबर किसी न किसी तरह ग्लोबल पॉलिटिक्स की शतरंज से जुड़ी हुई है। चाहे वह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव हो, रूस को लेकर अमेरिका के नए कानून हों, या भारत और चीन जैसे उभरते देशों की भूमिका हो, हर चीज़ एक बड़ी तस्वीर की ओर इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ़ अलग-अलग घटनाएं हैं, या दुनिया एक नए पावर शिफ्ट की ओर बढ़ रही है? इसी संदर्भ में, आज हम दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह से बात करेंगे, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पढ़ाते हैं और इंटरनेशनल मामलों में खास पकड़ रखते हैं, ताकि इन जटिल ग्लोबल डायनामिक्स को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

18-Jan-2026